फसल विविधीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन, किसानों को मिली आधुनिक तकनीकों की जानकारी

 

रामपुर बुशहर,25 मार्च मीनाक्षी 

ग्राम पंचायत बधाल में “फसल विविधीकरण पर पायलट परियोजना” के तहत 23 से 25 मार्च, 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस प्रशिक्षण में करीब 50 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण एवं भूमि उपयोग नियोजन ब्यूरो, क्षेत्रीय केंद्र, नई दिल्ली के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रोजेक्ट सी.सी.पी.आई. डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को कृषि उत्पादन बढ़ाने, मृदा स्वास्थ्य सुधारने, जलवायु जोखिमों को कम करने और आय में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।

विशेष रूप से गुणवत्तापूर्ण बीजों के उपयोग, बहु-फसली प्रणाली और अंतरफसली खेती अपनाने पर जोर दिया गया, जिससे उत्पादकता में वृद्धि संभव हो सके। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फसल विविधीकरण के माध्यम से सतत भूमि उपयोग को बढ़ावा देना और किसानों को जलवायु अनुकूल खेती के लिए तैयार करना रहा।

इस पहल के जरिए पारंपरिक खेती में सुधार, खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के साथ-साथ किसानों की आजीविका को सशक्त बनाने पर भी बल दिया गया।

समापन अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अंशुल ठाकुर  सहित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने केन्द्र प्रमुख डॉ. वी. रामामूर्ति, डॉ. एन. रविशंकर एवं संस्थान निदेशक के प्रति भी धन्यवाद प्रकट किया।

फोटो कैप्शन 

रामपुर बुशहर : प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किसान।

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