शिमला
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नशा रोकने की जिम्मेदारी संभालने वाले ही इस अवैध कारोबार में लिप्त पाए गए। शिमला पुलिस ने स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के चार जवानों को नशा तस्करी के आरोपियों से मिलीभगत के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई की पुष्टि शिमला के एएसपी अभिषेक धीमान ने की है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में शिमला पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये की लाईसर्जिक एसिड डाइथाइलमाइड (LSD) ड्रग्स बरामद की थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके बाद चारों जवानों की संलिप्तता सामने आई। ये सभी जवान सीआईडी की स्पेशल टास्क फोर्स में तैनात थे।
जांच में सामने आया कि कुल्लू में तैनात इन जवानों ने LSD की सप्लाई करने आए आरोपियों को पहले पकड़ा, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया। 11 मार्च को गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों और इन जवानों की लोकेशन एक ही स्थान पर पाई गई। इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी जवानों के खिलाफ अहम सबूत बने।
पुलिस के अनुसार, इन जवानों ने किसी भी आधिकारिक मिशन या कार्रवाई की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा नहीं की थी। गौरतलब है कि उस समय आरोपियों के पास 1450 LSD स्ट्रीप्स मौजूद थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए 16 मार्च को चारों जवानों को सस्पेंड किया गया और 19 मार्च को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश जारी है।

