राम मंदिर हॉल निकाह विवाद पर सियासत तेज: हिंदू संगठनों का विरोध, मुंडन की चेतावनी शिमला

शिमला, 10 मीनाक्षी

शिमला स्थित राम मंदिर में मुस्लिम लड़की के विवाह (निकाह) कार्यक्रम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे “सांस्कृतिक अतिक्रमण” करार दिया है। हिंदू संघर्ष समिति ने ऐलान किया है कि इस विरोध में शनिवार को मुंडन कार्यक्रम किया जाएगा। हालांकि मामला सार्वजनिक होने के बाद विवाह कार्यक्रम में बदलाव कर निकाह की रस्में मस्जिद में कर दी गई हैं, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा।
हिंदू संघर्ष समिति के नेता विजय शर्मा ने कहा कि समिति को किसी भी बेटी के विवाह से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मंदिर परिसर में इस तरह का आयोजन सांस्कृतिक अतिक्रमण का प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि हिंदू अस्मिता की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज केवल अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए आवाज उठा रहा है और किसी भी समुदाय के खिलाफ भेदभाव नहीं किया जा रहा।
विजय शर्मा ने राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अब “नई कांग्रेस” बन गई है, जबकि कांग्रेस “नई मुस्लिम लीग” के रूप में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल राजनीतिक लाभ के लिए जाति और मजहब की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद ही कार्यक्रम में बदलाव किया गया, जो समिति के विरोध का परिणाम है।
वहीं, समिति के एक अन्य नेता मदन ठाकुर ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि धार्मिक गतिविधियां सड़कों और मंदिरों में ही होंगी, तो मस्जिदों का क्या औचित्य रह जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सांस्कृतिक अतिक्रमण बढ़ रहा है और इसे रोकना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि मंदिरों के ऐसे उपयोग के खिलाफ मुंडन कार्यक्रम किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो इस मामले को न्यायालय तक ले जाया जाएगा।
मदन ठाकुर ने यह भी कहा कि संबंधित संस्था (सूद सभा) को भविष्य में ऐसे आयोजनों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाह किसी भी स्थान पर करवाया जा सकता है, लेकिन धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मामला अब सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

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