रामपुर बुशहर,28 फरवरी मीनाक्षी
रामपुर बुशहर उपमंडल के अंतर्गत शांदल–बाहलीदार रोड पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। गांव मझाली की रहने वाली उर्मिला गोरखी (बेबी) इस भीषण दुर्घटना का शिकार हो गईं। इस घटना ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।
उर्मिला गोरखी ने बहुत छोटी उम्र में ही अपनी मां और भाई को खो दिया था। उस कठिन समय में उनके पिता सोहन लाल ने ही मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते हुए उन्हें लाड़-प्यार से पाला और बड़ा किया। उन्होंने अपनी बेटी को हर कमी से दूर रखते हुए बेहतर जीवन देने का भरसक प्रयास किया। उर्मिला भी अपने पिता का पूरा सहारा थीं और बुजुर्गावस्था में उनका संबल बनी हुई थीं।
जानकारी के अनुसार शांदल–बाहलीदार मार्ग पर हुई इस वाहन दुर्घटना में उर्मिला की मौके पर ही मृत्यु हो गई। जैसे ही हादसे की खबर मझाली गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इसे अत्यंत दुखद और हृदय विदारक घटना बताया है। हर कोई यही कह रहा है कि कभी-कभी कुछ घटनाएं इतनी हैरान कर देने वाली होती हैं, जिनका कोई उत्तर नहीं होता।
करीब 75 वर्षीय सोहन लाल पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पहले पत्नी और पुत्र को खोने का दर्द, और अब इकलौती बेटी का साथ छूट जाना — यह आघात उनके लिए असहनीय है। उर्मिला ही उनके जीवन का एकमात्र सहारा थीं। अब वे पूरी तरह अकेले रह गए हैं।
गांव मझाली में मातम का माहौल है। वहीं दूसरी ओर पुष्पा देवी पत्नी बशेशर लाल की भी इस हादसे में मौत हुई है। आज दोनों महिलाओं का एक साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

