CISF ने पहली बार पूर्ण महिला कमांडो इकाई का गठन कियामहिलाओं को अग्रिम पंक्ति की परिचालन भूमिकाओं में लाने की पहल

रामपुर बुशहर ,27 अगस्त मीनाक्षी

बल में महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत पहल के तहत, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल अपनी पहली पूर्ण महिला कमांडो टीम को मुख्य अभियानों में शामिल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मध्य प्रदेश के बरवाहा स्थित क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र (RTC) में महिला कमांडो का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। 8 सप्ताह का यह अग्रणी कमांडो कोर्स महिला कर्मियों को उच्च सुरक्षा वाले प्रतिष्ठानों और संयंत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) तथा Special Task Force (STF) की ड्यूटी के लिए तैयार करेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शारीरिक और हथियार प्रशिक्षण, तनाव में लाइव-फायर अभ्यास, शारीरिक प्रशिक्षण में सहनशक्ति बढ़ाने हेतु दौड़, बाधा दौड़, रैपलिंग, फिसलन, जंगलों में जीवित रहने के अभ्यास और प्रतिकूल परिस्थितियों में निर्णय लेने और टीम वर्क का परीक्षण करने के लिए डिज़ाइन किया गया 48 घंटे का आत्मविश्वास निर्माण अभ्यास भी शामिल है।

30 महिलाओं का पहला बैच—जो वर्तमान में विभिन्न हवाई अड्डों पर तैनात हैं—11 अगस्त से 4 अक्टूबर, 2025 तक प्रशिक्षण प्राप्त करेगा, उसके बाद 6 अक्टूबर से 29 नवंबर, 2025 तक दूसरा बैच प्रशिक्षण प्राप्त करेगा। अपने प्रारंभिक चरण में, विभिन्न विमानन सुरक्षा समूहों (एएसजी) और संवेदनशील सीआईएसएफ इकाइयों की कम से कम 100 महिलाएँ इस कार्यक्रम को पूरा करेंगी। बल ऐसे सभी महिला- प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को अपने प्रशिक्षण कैलेंडर का नियमित हिस्सा बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें मुख्य रूप से हवाई अड्डों और उसके बाद अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर तैनात किया जाएगा।

महिलाओं को अपनी मुख्य क्षमताओं में शामिल करने से बल लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और उस क्षेत्र में भी कदम रखना है, जो अब तक मुख्यतः केवल पुरुषों का कार्यक्षेत्र माना जाता रहा है।

सीआईएसएफ द्वारा बल में 10% महिलाओं के गृह मंत्रालय के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की भर्ती भी बढ़ा रहा है। वर्तमान में सीआईएसएफ में 12,491 (08%) महिलाएँ हैं और 2026 में 2400 महिलाओं की भर्ती की जाएगी। आने वाले वर्षों मे महिलाओं की भर्ती की मात्रा को इस प्रकार रखा जाएगा कि बल मे महिलाओं की संख्या कम से कम 10% बनी रहे.

सीआईएसएफ संख्या और भूमिका दोनों ही दृष्टि से महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा, में सभी सशस्त्र बलों में, अग्रणी बनने हेतु अग्रसर है।

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