शिमला, 13 दिसंबर
ऑनलाइन निवेश में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने शिमला जिले के सेब बहुल क्षेत्र के एक बागवान से करीब 36 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश के नाम पर पीड़ित को झांसे में लिया। मामले को लेकर पीड़ित ने शिमला स्थित साइबर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई है।
कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल
शिकायत के अनुसार, पीड़ित के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने स्वयं को ‘इंडनिव प्रो’ नामक कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। उसकी बातों में आकर पीड़ित ने बताए गए एक ऐप को अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड कर लिया।
आईपीओ निवेश के नाम पर लाखों की वसूली
ठगों ने ट्रेडिंग शुरू कराने के नाम पर पहले 15 हजार रुपये जमा करवाए। इसके बाद कथित आईपीओ में निवेश का झांसा देकर अलग-अलग किश्तों में करीब 14 लाख रुपये पीड़ित से जमा करवा लिए।
चार्ज और सर्वर गड़बड़ी का बहाना
जब पीड़ित को मुनाफा मिलने की उम्मीद जगी, तो ठगों ने ‘सर्विस चार्ज’ के नाम पर 10 लाख रुपये और जमा करवा लिए। इसके बाद सर्वर में गड़बड़ी बताकर रकम गलत खाते में चले जाने का बहाना बनाया गया और दोबारा 10 लाख रुपये मंगवा लिए गए।
इसके बाद ठगों ने 30 प्रतिशत प्रोसेसिंग चार्ज की मांग शुरू कर दी। तब जाकर पीड़ित को ठगी का शक हुआ और उसने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
जांच में 36 लाख की ठगी की पुष्टि
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगों ने कुल मिलाकर पीड़ित से करीब 36 लाख रुपये की साइबर ठगी की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सतर्क रहने की अपील
एसपी शिमला संजीव गांधी ने कहा कि ऐसे साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें, खासकर जब ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश योजनाओं या आईपीओ में भारी मुनाफे का लालच दिया जाए।
पुलिस ने आम जनता से आग्रह किया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर दें।

