शिमला 20 दिसंबर, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश पुलिस में मीडिया से संवाद को लेकर जारी नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर बढ़ते विवाद के बीच पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। डीजीपी ने कहा है कि एसडीपीओ और एसएचओ क्राइम और लॉ एंड ऑर्डर से जुड़े मामलों पर मीडिया से बात कर सकेंगे, जबकि अन्य विषयों पर बयान देने के लिए उन्हें संबंधित जिले के एसपी की अनुमति लेनी होगी।
गौरतलब है कि डीजीपी द्वारा 17 दिसंबर को जारी की गई एसओपी के बाद मीडिया और पुलिस के बीच संवाद को लेकर विवाद गहरा गया था। एसओपी में यह उल्लेख था कि क्राइम, कानून-व्यवस्था, जांच और पुलिस नीतियों से जुड़े मामलों पर केवल जिला के एसपी और रेंज के डीआईजी ही मीडिया से औपचारिक बातचीत करेंगे, वह भी आवश्यकता पड़ने पर पुलिस मुख्यालय से पूर्व अनुमति लेकर।
एसओपी में यह भी कहा गया था कि एसडीपीओ और एसएचओ किसी भी परिस्थिति में मीडिया को बयान, प्रतिक्रिया, इंटरव्यू या ब्रीफिंग नहीं देंगे। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि चोरी, डकैती, लूटपाट, सड़क दुर्घटना जैसे मामलों की पुष्टि के लिए भी मीडिया को एसपी या डीआईजी से ही संपर्क करना पड़ेगा, जबकि कई बार समय पर संपर्क नहीं हो पाता। इससे सूचनाओं के अभाव में अपुष्ट खबरें फैलने की आशंका जताई जा रही थी।
मीडिया कर्मियों ने इस एसओपी को सूचनाओं का गला घोंटने का प्रयास बताते हुए विरोध भी दर्ज कराया था। बढ़ते विवाद और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बाद डीजीपी ने अब स्थिति स्पष्ट करते हुए एसडीपीओ और एसएचओ को क्राइम व लॉ एंड ऑर्डर के मामलों में मीडिया से बात करने की अनुमति दे दी है।
डीजीपी के इस स्पष्टीकरण के बाद पुलिस और मीडिया के बीच समन्वय बेहतर होने तथा आम जनता तक समय पर सही सूचना पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

