शिमला,30 मार्च मीनाक्षी
शिमला जिले के उपमंडल ठियोग में दो अलग-अलग मामलों में 75-75 वर्षीय महिलाओं ने अपने से कम उम्र के पतियों से अलग रहने का फैसला लिया है। दोनों मामलों में पति-पत्नी ने आपसी सहमति से प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय शिमला में संयुक्त याचिकाएं दायर की थीं, जिन्हें अदालत ने स्वीकार करते हुए 39 और 59 वर्ष के पतियों को तलाक की मंजूरी दे दी।
पहले मामले में 75 वर्षीय महिला और 59 वर्षीय पुरुष का विवाह वर्ष 1990 में हुआ था। इस दंपति की कोई संतान नहीं थी। वर्ष 2010 से दोनों के बीच गंभीर मतभेद उत्पन्न हो गए थे। कई प्रयासों के बावजूद विवाद का समाधान नहीं हो सका। अंततः दोनों ने आपसी सहमति से विवाह समाप्त करने का निर्णय लेते हुए अदालत का रुख किया।
दूसरे मामले में 75 वर्षीय महिला और 39 वर्षीय पुरुष का विवाह वर्ष 2008 में हुआ था, जिनसे उनके तीन बच्चे हैं। जून 2021 से आपसी मतभेदों के चलते दोनों अलग रह रहे थे। अदालत में दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया कि वे अब वैवाहिक संबंध आगे नहीं रखना चाहते। इस पर न्यायालय ने तलाक को मंजूरी देते हुए बच्चों की जिम्मेदारी पिता को सौंपी, साथ ही मां से मिलने की अनुमति देने के निर्देश दिए।
न्यायालय ने मामले की जांच के बाद पाया कि दोनों पक्षों के बीच सुलह की कोई संभावना नहीं है। पहले मामले में पति अपनी पेंशन में से पत्नी को प्रति माह 5000 रुपये भरण-पोषण के रूप में देगा। साथ ही तलाकशुदा पत्नी के रहने के लिए एक कमरा, रसोई और स्नानघर की व्यवस्था भी करेगा। बीमारी की स्थिति में उसके इलाज का खर्च भी पति द्वारा वहन किया जाएगा।

