तीर्थन घाटी समेत कई क्षेत्रों में सफेद चादर, किसानों की बढ़ी चिंता
शिमला,6 मई मीनाक्षी
हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में आज मौसम ने अचानक करवट लेते हुए भारी ओलावृष्टि से जनजीवन को प्रभावित कर दिया। शिमला जिले के खदराड़ा क्षेत्र में दोपहर बाद तेज बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरे, जिससे खेतों और बाग-बगीचों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं, कुल्लू जिले के बंजार क्षेत्र की प्रसिद्ध तीर्थन घाटी में भी भयंकर ओलावृष्टि हुई। घाटी के शरची, टलिंगा, धारा और शलिंगा क्षेत्रों में कुछ ही मिनटों में जमीन सफेद चादर से ढक गई। स्थानीय लोगों के अनुसार ओले काफी बड़े आकार के थे, जिससे फसलों और सेब के बागानों को भारी नुकसान हो सकता है।
रोहड़ू और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का यही मिजाज देखने को मिला। यहां भी तेज गर्जना के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई। ओलावृष्टि के कारण कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां टूट गईं और छोटे मार्गों पर फिसलन बढ़ गई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
किसानों और बागवानों के लिए यह ओलावृष्टि चिंता का कारण बन गई है, क्योंकि इस समय फसलों और फलों का महत्वपूर्ण चरण चल रहा है। यदि नुकसान का आकलन किया जाए तो आर्थिक हानि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मौसम विभाग ने पहले ही प्रदेश के कई हिस्सों में खराब मौसम का अलर्ट जारी किया था। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी मौसम अस्थिर रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

