कबाड़ से जुगाड़: अनुपयोगी जीआईएस सर्किट ब्रेकर से तैयार किया तकनीकी प्रशिक्षण मॉडल

रामपुर बुशहर, 30 सितंबर मीनाक्षी 

स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत रामपुर एचपीएस ने अपशिष्ट के पुनः उपयोग और संसाधनों के संरक्षण की दिशा में अभिनव पहल की है। परियोजना में अनुपयोगी 400 केवी जीआईएस सर्किट ब्रेकर पोल के तकनीकी घटकों का पुनः उपयोग कर प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन मॉडल तैयार किया गया है। इससे कर्मचारियों को उपकरण की संरचना और कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सकेगा।

विद्युत मंत्रालय एवं निगमित कार्यालय के निर्देशानुसार रामपुर एचपीएस में 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 चलाया जा रहा है। अभियान के तहत ‘वेस्ट टू वेल्थ’ और ‘वेस्ट टू आर्ट’ गतिविधियों के माध्यम से अपशिष्ट के उचित प्रबंधन, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इसी कड़ी में परियोजना प्रमुख ई. विकास मारवाह के मार्गदर्शन में पीएचइएम विभाग की टीम ने 400 केवी जीआईएस सर्किट ब्रेकर पोल के अनुपयोगी घटकों का सदुपयोग कर स्थायी यांत्रिक प्रशिक्षण मॉडल तैयार किया। यह मॉडल नए कर्मचारियों को जीआईएस सर्किट ब्रेकर की संरचना, आंतरिक घटकों, असेंबली और कार्यप्रणाली को सुरक्षित एवं नियंत्रित वातावरण में समझने में मदद करेगा। इससे वास्तविक परिचालन उपकरणों पर प्रशिक्षण के लिए निर्भरता भी कम होगी।

रामपुर एचपीएस के अनुसार यह पहल अनुपयोगी तकनीकी सामग्री को उपयोगी संसाधन में बदलने के साथ अपशिष्ट में कमी, संसाधन संरक्षण और लागत प्रभावशीलता की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में अन्य अनुपयोगी तकनीकी घटकों को भी प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन मॉड्यूल में परिवर्तित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

रंदल स्कूल में ‘कबाड़ से कला’ प्रतियोगिता

अभियान के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रंदल में विद्यार्थियों के लिए ‘कबाड़ से कला-वेस्ट टू आर्ट’ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं से आकर्षक और उपयोगी कलाकृतियां तैयार कर पर्यावरण संरक्षण एवं अपशिष्ट के पुनः उपयोग का संदेश दिया।

प्रतियोगिता में कक्षा 11वीं के रौनक शर्मा ने प्रथम, कक्षा सातवीं के अन्वीत सिंह ने द्वितीय तथा कक्षा सातवीं के अमन ने तृतीय स्थान हासिल किया। अंकिता सोनी और पियूष को सांत्वना पुरस्कार दिए गए।

परियोजना प्रमुख ई. विकास मारवाह ने ‘कबाड़ से जुगाड़’ पहल के लिए पीएचइएम विभागाध्यक्ष संजीव शर्मा और उनकी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि अनुपयोगी सामग्री को प्रशिक्षण मॉडल में बदलना संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और अपशिष्ट में कमी की दिशा में अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि Reduce, Reuse और Recycle की अवधारणा को व्यवहार में अपनाकर अपशिष्ट को कम किया जा सकता है और पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष पीएसआईटीएंडसी, गुणवत्ता एवं सुरक्षा रामपुर एचपीएस बायल ई. रौशन कुमार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रंदल के प्रधानाचार्य व शिक्षकगण तथा रामपुर एचपीएस के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

फोटो कैप्शन 

रामपुर बुशहर : बेहतरीन माडल के साथ स्कूली छात्र व अन्य।


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