शिमला, 23 फरवरी मीनाक्षी
हिमाचल प्रदेश में एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत चल रहे डिजिटल फसल सर्वेक्षण (डीसीएस) को लेकर बागवानी निदेशालय ने शिमला, सोलन, मंडी, कुल्लू और किन्नौर जिलों में समन्वय और जागरूकता बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में क्रमांक Hort-F007(32)/1/2026- (AGRISTACK) आईटी सेल, बागवानी निदेशालय, हिमाचल प्रदेश, शिमला-2 द्वारा उपायुक्तों को पत्र प्रेषित किया गया है।
बागवानी निदेशक विनय सिंह ने बताया कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण का उद्देश्य मानचित्रित भूमि अभिलेखों के आधार पर खसरा स्तर पर फसल संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप से दर्ज करना है। इससे एक विश्वसनीय, तकनीक-आधारित कृषि डाटाबेस तैयार किया जाएगा, जो बेहतर कृषि योजना निर्माण और सेवाओं के प्रभावी वितरण में सहायक होगा।
परियोजना के तहत मेसर्स स्टार एग्रीबाजार टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को अधिकृत किया गया है। कंपनी के सर्वेक्षक भूमि अभिलेख विभाग द्वारा पूर्व निर्धारित खसरा नंबरों के अनुरूप किसानों के खेतों का क्षेत्र-स्तरीय सर्वेक्षण करेंगे।
निदेशालय ने संबंधित जिलों के उप-मंडल अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे ग्राम पंचायत सचिवों और जन प्रतिनिधियों को इस अभियान के प्रति जागरूक करें। साथ ही, अधिकृत सर्वेक्षण टीमों को गांवों और खेतों के भ्रमण के दौरान आवश्यक सहयोग और समर्थन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सर्वेक्षण कार्य समयबद्ध और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
बागवानी विभाग ने इसे राज्य में कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया

