रामपुर बुशहर में ऐतिहासिक फाग मेले का शुभारंभ आज, शाम होने पर राजदरबार पहुंचेंगे तीन देवता 

मंत्री विक्रमादित्य सिंह करेंगे देवताओं का स्वागत उसी के उपरांत होगी होली दहन की परम्परा 

रामपुर बुशहर, 4 मार्च मीनाक्षी 

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर बुशहर में आज शाम पारंपरिक होलिका दहन के साथ प्रसिद्ध फाग मेले का विधिवत शुभारंभ होगा। परंपरा के अनुसार क्षेत्र के तीन प्रमुख देवता रचोली जाख रचोली, देवता साहेब महारूद्र बसारा, देवता साहेब काजल गसो राजदरबार पहुंचेंगे, जहां धार्मिक विधि-विधान के बाद मेले की शुरुआत की जाएगी। यहां पहुंचने पर मंत्री विक्रमादित्य सिंह इनका स्वागत व पुजा अर्चना करेंगे।

फाग मेला रामपुर बुशहर की समृद्ध सांस्कृतिक और राजशाही विरासत का प्रतीक है। यह मेला सैकड़ों वर्षों से बुशहर रियासत के समय से आयोजित होता आ रहा है। माना जाता है कि इसकी शुरुआत तत्कालीन बुशहर नरेशों द्वारा प्रजा और देव परंपरा के सम्मान में की गई थी।

इतिहासकारों के अनुसार बुशहर रियासत का संबंध प्राचीन काल से जोड़ा जाता है और स्थानीय मान्यताओं में इसे भगवान श्रीकृष्ण के वंशजों से भी संबंधित बताया जाता है। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण फाग मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राजपरंपरा और लोकआस्था का अनूठा संगम माना जाता है।

फाग मेले की सबसे बड़ी विशेषता देव संस्कृति है। दूर-दूर के गांवों से देवी-देवता अपने-अपने रथों और वाद्ययंत्रों के साथ राजदरबार पहुंचते हैं। ढोल-नगाड़ों और कर्नाल की गूंज से पूरा रामपुर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठता है। 

मेले के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और लोककलाओं की भी झलक देखने को मिलती है। यह आयोजन क्षेत्रीय एकता, आस्था और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का माध्यम बना हुआ है।

प्रशासन और मंदिर न्यास द्वारा मेले की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक इस ऐतिहासिक फाग मेले का आनंद सुरक्षित वातावरण में उठा ।

वहीं एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि इस बार 21 देवी देवताओं को फाग मेले में आमंत्रित किया गया है। जिनके रहने व खाने पीने की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई है। 

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