पर्यटकों को दलालों, मनमाने किराये और कमजोर व्यवस्थाओं से राहत दिलाने के लिए पर्यटन मॉडल में सुधार की अपील
शिमला, 4 जुलाई मीनाक्षी
हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल कुफरी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता मास्टर हरेश सैनी (पठानकोट, पंजाब) ने कुफरी और आसपास के पर्यटन स्थलों पर बेहतर प्रबंधन, पारदर्शी किराया व्यवस्था और पर्यटक सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि कुफरी पहुंचने वाले कई पर्यटकों को वाहन और घोड़ा सेवाओं के लिए दलालों द्वारा घेरने तथा मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें सुनने को मिलती हैं। उनका कहना है कि इससे पर्यटकों में असहजता पैदा होती है और प्रदेश की पर्यटन छवि भी प्रभावित होती है। उन्होंने प्रशासन से किराया सूची सार्वजनिक करने, अधिकृत गाइडों की पहचान सुनिश्चित करने तथा अनधिकृत दलालों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने सुझाव दिया कि कुफरी में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) अथवा प्रशासन की निगरानी में उपयुक्त वाहन सेवाएं संचालित की जाएं, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और निर्धारित दरों पर परिवहन सुविधा मिल सके। इसके अलावा सड़कों की मरम्मत, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।
मास्टर सैनी ने कुफरी स्थित हिमालयन नेचर पार्क (जू) के रखरखाव में सुधार, टूटी सीढ़ियों की मरम्मत, वन्यजीवों की बेहतर देखभाल और पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि सुव्यवस्थित पर्यटन प्रबंधन से प्रदेश में आने वाले पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा और पर्यटन से होने वाली सरकारी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
उन्होंने जाखू मंदिर मार्ग के कुछ संकरे मोड़ों को चौड़ा करने तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने का भी सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार और पर्यटन विभाग से कुफरी सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधुनिक, पारदर्शी और पर्यटक-अनुकूल प्रबंधन प्रणाली विकसित करने की अपील की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्यटक सुविधाओं, सुरक्षा, परिवहन और प्रबंधन में समयबद्ध सुधार किए जाएं तो हिमाचल प्रदेश की पर्यटन छवि और अधिक मजबूत हो सकती है तथा स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी नया बल मिलेगा।

