रामपुर प्रशासन ने भेजी संशोधित सूचियां, 1 प्रतिशत एलएडीएफ के तहत अधिसूचना की सिफारिश
रामपुर बुशहर, 19 अगस्त मीनाक्षी
रामपुर क्षेत्र में ज्यूरी और ऊपरी नांती जलविद्युत परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों को परियोजना प्रभावित परिवार घोषित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। दोनों परियोजनाओं से संबंधित कुल 446 परिवारों की सूचियां प्रशासन की ओर से अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था), शिमला को भेजी गई हैं। संबंधित परिवारों को परियोजना की कमीशनिंग के बाद 1 प्रतिशत एलएडीएफ से जुड़ी नीति के तहत लाभ मिलने का रास्ता खुलने की उम्मीद है।
ज्यूरी लघु जलविद्युत परियोजना (9 मेगावाट) से प्रभावित 295 परिवारों की सूची भेजी गई है। इनमें ग्राम पंचायत फुंजा के क्यारी, मझेवाली और कोशगढ़ गांवों के 157 परिवार, ग्राम पंचायत त्यावल-ज्यूरी के कोटला और कुन्नी गांवों के 74 परिवार तथा ग्राम पंचायत सनारसा के रतनपुर गांव के 64 परिवार शामिल हैं।
इसी तरह ऊपरी नांती जलविद्युत परियोजना (12 मेगावाट) के लिए 151 परिवारों का संशोधित विवरण प्रशासन को प्राप्त हुआ है। इनमें नांती और टिक्कर गांवों के 75 तथा फांचा गांव के 76 परिवार शामिल हैं। यह जानकारी खंड विकास अधिकारी रामपुर की ओर से 4 अगस्त 2026 को भेजी गई थी।
एसडीएम रामपुर बुशहर हर्ष अमरेंद्र सिंह ने दोनों मामलों में संबंधित सूचियां एडीएम शिमला को भेजते हुए परियोजना प्रभावित परिवारों को अधिसूचित करने की सिफारिश की है। प्रशासन की ओर से भेजे गए पत्रों में स्पष्ट किया गया है कि परियोजना की कमीशनिंग के बाद 1 प्रतिशत एलएडीएफ से संबंधित नीति एवं अधिसूचना के अनुसार पात्र परिवारों को पीएएफ के रूप में अधिसूचित किया जाना है।
एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह ने बताया कि दोनों परियोजनाओं की सूचियों से अब रामपुर क्षेत्र के 446 परिवार सीधे तौर पर परियोजना प्रभावित परिवारों की अधिसूचना के दायरे में आ गए हैं। सूचियों की प्रतियां निदेशक, ऊर्जा निदेशालय, शिमला को भी सूचना के लिए भेजी गई हैं।
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वहीं गौरतलब है कि विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं से मिलने वाले 1 प्रतिशत पोस्ट-कमीशनिंग लाडा की राशि को लेकर जिला प्रशासन और ऊर्जा निदेशालय के स्तर पर प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2011-12 से 2024-25 तक की अवधि के उपलब्ध विवरण के अनुसार कई परियोजनाओं के परियोजना प्रभावित परिवार घोषित किए जा चुके हैं, जबकि कुछ परियोजनाओं में अभी परिवारों की घोषणा नहीं हुई है।
विवरण के अनुसार रामपुर परियोजना के लिए 65.0818 करोड़ रुपये, कुट जेवरी के लिए 2.4601 करोड़, अपर नांती के लिए 1.1520 करोड़, कोटगढ़ के लिए 0.6084 करोड़, जोगनी-II के लिए 0.8983 करोड़, लोअर नांती के लिए 0.8943 करोड़, करैरी के लिए 0.4868 करोड़ और जोगिनी परियोजना के लिए 1.0372 करोड़ रुपये का एलएडीएफ दर्ज है।
रिकॉर्ड के मुताबिक कुट ज्यूरी परियोजना के प्रभावित परिवार 19 फरवरी 2026 को घोषित किए गए, जबकि कोटगढ़ परियोजना के प्रभावित परिवारों की घोषणा 27 जुलाई 2024 को हुई थी। लोअर नांती के प्रभावित परिवार 26 फरवरी 2026 और करैरी परियोजना के प्रभावित परिवार 18 फरवरी 2026 को घोषित किए गए। जोगिनी तथा रामपुर परियोजना के प्रभावित परिवारों की घोषणा 9 जनवरी 2026 को की गई। अपर नांती और जोगनी-II परियोजनाओं के प्रभावित परिवारों की घोषणा अभी नहीं हुई है। संबंधित परियोजनाओं के लिए प्रक्रिया पूरी होने के बाद एलएडीएफ की राशि जारी होने का रास्ता साफ होगा।
विभागीय जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2014-15 से 2020-21 तक कुल 32.3888 करोड़ रुपये डीसी शिमला और डीसी कुल्लू को हस्तांतरित किए जा चुके हैं। वहीं वित्त वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक की राशि की स्वीकृति अभी लंबित है। संबंधित परियोजनाओं की राशि की स्वीकृति के लिए 23 जुलाई 2026 को अतिरिक्त निदेशक को पत्र भेजे गए हैं।
क्षेत्र में परियोजना प्रभावित परिवारों और विकास कार्यों से जुड़े लोगों की नजर अब लंबित राशि की स्वीकृति और जिला प्रशासन को धनराशि हस्तांतरित होने पर टिकी है।

