एसजेवीएन की परियोजनाओं को मिला अनुभवी नेतृत्व, राजेश कुमार चंदेल बने निदेशक (परियोजना)

35 वर्षों के अनुभव के साथ संभाली जिम्मेदारी, नेपाल-भूटान की मेगा जलविद्युत परियोजनाओं का कर चुके हैं सफल नेतृत्व

शिमला, 12 जून मीनाक्षी 

देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की जलविद्युत कंपनी एसजेवीएन को नया परियोजना निदेशक मिल गया है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी राजेश कुमार चंदेल ने निदेशक (परियोजना) का पदभार ग्रहण कर लिया है। जलविद्युत क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले चंदेल की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब एसजेवीएन भारत सहित नेपाल और भूटान में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य कर रही है।

नई दिल्ली स्थित एसजेवीएन संपर्क कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कार्यभार संभाला। इस अवसर पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत करते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

राजेश कुमार चंदेल ने पिछले वर्षों में कई बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया है। नेपाल में 900 मेगावाट अरुण-3 तथा 669 मेगावाट लोअर अरुण परियोजनाओं के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं भूटान में 1020 मेगावाट पुनात्सांगछू जलविद्युत परियोजना की कमीशनिंग में भी उनका अहम योगदान रहा है।

हिमाचल प्रदेश की प्रतिष्ठित 1500 मेगावाट नाथपा-झाकड़ी जलविद्युत परियोजना की हेड रेस टनल के निर्माण कार्य में भी उन्होंने करीब आठ वर्षों तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा 66 मेगावाट धौलासिद्ध परियोजना को अवधारणा से निर्माण चरण तक पहुंचाने में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है।

हमीरपुर जिले के महरे गांव से संबंध रखने वाले राजेश कुमार चंदेल ने वर्ष 1994 में एसजेवीएन से अपने करियर की शुरुआत की थी। सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में परास्नातक चंदेल को जलविद्युत परियोजनाओं के प्रबंधन और निर्माण क्षेत्र का व्यापक अनुभव प्राप्त है।

कंपनी प्रबंधन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में एसजेवीएन की चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं को नई गति मिलेगी तथा ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी की भूमिका और मजबूत होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *