दिल्ली में चमका हिमाचल, बागवानी विभाग के स्टॉल को मिला प्रथम पुरस्कार- सेब से लेकर ब्लूबेरी और एवोकाडो तक, हिमाचल की बागवानी विविधता ने जीता दिल
- राष्ट्रीय मंच पर हिमाचल की बागवानी को पहचान, आधुनिक फल उत्पादन की पहल को सराहना
- शिमला,26 अक्टूबर मीनाक्षी
- दिल्ली में 23 से 25 अक्टूबर तक आयोजित इंडिया एग्री, ऑर्गेनिक हॉर्टी एंड टेक एक्सपो-2026 में हिमाचल प्रदेश सरकार के बागवानी विभाग के स्टॉल को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एक्सपो के तीसरे और अंतिम दिन मिली इस उपलब्धि से प्रदेश की समृद्ध बागवानी विरासत, फल उत्पादन की विविधता और आधुनिक तकनीकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
- एक्सपो में हिमाचल प्रदेश की ओर से डॉ. बी.एस. नेगी, उपनिदेशक उद्यान, डॉ. सुरेश नेगी, विषय वस्तु विशेषज्ञ (बागवानी), डॉ. संतोष मेहता और डॉ. प्रवीण मेहता, उद्यान विकास अधिकारी ने भाग लिया।
- बागवानी विभाग की ओर से लगाए गए स्टॉल में जीआई टैग प्राप्त हिमाचली सेब के साथ ब्लूबेरी, ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, कीवी, सीबकथॉर्न, मशरूम, विभिन्न प्रकार के नट्स और अन्य विशिष्ट बागवानी उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इनके माध्यम से हिमाचल प्रदेश की विविध कृषि-जलवायु परिस्थितियों में फल उत्पादन की संभावनाओं और बागवानी के क्षेत्र में हो रहे विविधीकरण को दर्शाया गया।
- प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आधुनिक बागवानी तकनीकों, नवीन फल प्रजातियों और मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ बागवानी आधारित आजीविका के अवसरों को सामने लाना रहा। इसके अलावा गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बागवानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया गया।
- हिमाचल प्रदेश के स्टॉल को प्रथम पुरस्कार मिलना प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे राज्य के विशिष्ट बागवानी उत्पादों को व्यापक पहचान मिलने के साथ अन्य क्षेत्रों में भी आधुनिक फल उत्पादन की संभावनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
- ऐसे आयोजनों से बागवानी क्षेत्र में अपनाई जा रही नई तकनीकों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त होती है, जिन्हें प्रदेश के बागवानों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे हिमाचल में फल उत्पादन को बढ़ावा देने, फसलों में विविधता लाने और बागवानी आधारित आजीविका को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।
- सेब से लेकर ब्लूबेरी और एवोकाडो तक, हिमाचल की बागवानी विविधता ने जीता दिल
- राष्ट्रीय मंच पर हिमाचल की बागवानी को पहचान, आधुनिक फल उत्पादन की पहल को सराहना
शिमला,26 अक्टूबर मीनाक्षी
दिल्ली में 23 से 25 अक्टूबर तक आयोजित इंडिया एग्री, ऑर्गेनिक हॉर्टी एंड टेक एक्सपो-2026 में हिमाचल प्रदेश सरकार के बागवानी विभाग के स्टॉल को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। एक्सपो के तीसरे और अंतिम दिन मिली इस उपलब्धि से प्रदेश की समृद्ध बागवानी विरासत, फल उत्पादन की विविधता और आधुनिक तकनीकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
एक्सपो में हिमाचल प्रदेश की ओर से डॉ. बी.एस. नेगी, उपनिदेशक उद्यान, डॉ. सुरेश नेगी, विषय वस्तु विशेषज्ञ (बागवानी), डॉ. संतोष मेहता और डॉ. प्रवीण मेहता, उद्यान विकास अधिकारी ने भाग लिया।
बागवानी विभाग की ओर से लगाए गए स्टॉल में जीआई टैग प्राप्त हिमाचली सेब के साथ ब्लूबेरी, ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, कीवी, सीबकथॉर्न, मशरूम, विभिन्न प्रकार के नट्स और अन्य विशिष्ट बागवानी उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इनके माध्यम से हिमाचल प्रदेश की विविध कृषि-जलवायु परिस्थितियों में फल उत्पादन की संभावनाओं और बागवानी के क्षेत्र में हो रहे विविधीकरण को दर्शाया गया।
प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आधुनिक बागवानी तकनीकों, नवीन फल प्रजातियों और मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ बागवानी आधारित आजीविका के अवसरों को सामने लाना रहा। इसके अलावा गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बागवानों की आय बढ़ाने की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया गया।
हिमाचल प्रदेश के स्टॉल को प्रथम पुरस्कार मिलना प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे राज्य के विशिष्ट बागवानी उत्पादों को व्यापक पहचान मिलने के साथ अन्य क्षेत्रों में भी आधुनिक फल उत्पादन की संभावनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
ऐसे आयोजनों से बागवानी क्षेत्र में अपनाई जा रही नई तकनीकों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त होती है, जिन्हें प्रदेश के बागवानों तक पहुंचाया जा सकता है। इससे हिमाचल में फल उत्पादन को बढ़ावा देने, फसलों में विविधता लाने और बागवानी आधारित आजीविका को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।

